हरियाणा में ADGP के हवाले यौन शोषण आरोपों की जांच, SP के बाद DSP और लेडी SHO का भी ज़िले से बाहर ट्रांसफर
हरियाणा में तीन पन्नों की वायरल चिट्ठी के बाद प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। इस वायरल चिट्ठी के बाद ही मामला प्रकाश में आया था। इस आरोप लगाए गए हैं कि आईपीएस अधिकारी खूबसूरत महिला पुलिसकर्मियों का यौन शोषण करता है जिसमें डीएसपी और महिला एसएचओ पर आईपीएस अधिकारी की मदद करने के आरोप भी हैं। अब इस मामले की जांच ADGP को सौंप दी गई है। ADGP ममता सिंह अगुआई में हरियाणा सरकार ने SIT का गठन किया है। वहीं आरोपी एसपी के बाद आरोपी डीएसपी और महिला एसएचओ का भी जींद जिले के बाहर तबादला कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि ये कार्रवाई इसलिए की गई है क्योंकि सरकार की जांच से पहले ही चिट्ठी वायरल करने के आरोप में इन अधिकारियों ने केस दर्ज करवाने शुरू कर दिए थे।
वहीं मामले में हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने मामले का संज्ञान लेते हुए आईपीएस अधिकारी को छुट्टी पर भेजने की मांग की थी ताकि जांच प्रभावित ना हो। लेकिन सरकार ने जिले से हटवाकर रेलवे में भेज दिया है।
अब बात करते हैं कि आखिर वायरल चिट्ठी में किस अधिकारी पर क्या आरोप लगाए गए हैं।
दरअसल वायरल चिट्ठी में महिला पुलिसकर्मियों ने लिखा था कि मैं एक महिला पुलिसकर्मी हूं और अपना काम ईमानदारी से करती हूं। मेरे जिले में तैनात IPS अधिकारी सुंदर महिला पुलिस कर्मचारियों पर गंदी नजर रखते हैं। पुलिसकर्मियों ने चिट्ठी में ये भी लिखा था कि मैंने महिला SHO मैडम को जब बात बताई तो वो भड़क गईं और कहने लगीं कि अफसरों को कोऑपरेट करना पड़ता है। मैडम की ये बात सुन मैं रोते हुए SP आवास से बाहर निकल गई। चिट्ठी में लिखा गया है कि फिर मैंने ये बात महिला DSP मैडम को बताई। डीएसपी ने भी कहा कि प्रमोशन के लिए अफसरों को ओऑपरेट करना पड़ता है। इसलिए मेरी बात मानो तो थोड़ा कोऑपरेट करो। इसके बाद देखो तुम्हारा प्रमोशन पक्का और उसेक बाद तुम रूपयों में खेलोगी।
वायरल चिट्ठी में महिला पुलिसकर्मियों ने ये भी लिखा था कि महिला थाने की SHO मेरे पीछे पड़ गई और मेरी ACR खराब करने की धमकियां देकर मेरा मेंटली टॉर्चर करने लगी। चिट्ठी में आरोप लगाया गया है कि SHO के पुलिस अधिकारी के साथ नाजायज संबंध हैं और एसएचओ ने एक गिरोह बनाया हुआ है, जिसमें कई युवतियां शामिल हैं। चिट्ठी में लिखा गया है कि ये अमीर घर के लड़कों पर फर्जी केस दर्ज करवाते हैं और फिर लाखों रुपये लेकर समझौते करवाते हैं। इस खेल में SHO, DSP और SP तीनों मिलकर काम कर रहे हैं।
बहरहाल ये चिट्ठी शिकायत के तौर पर मुख्यमंत्री नायब सैनी को लिखी गई थी। लेकिन इसके वायरल होने के बाद ये बड़ा मुद्दा बन गया। वहीं वायरल चिट्ठई में सात महिला पुलिसकर्मियों के हस्ताक्षर भी हैं।
वहीं वायरल चिट्ठी पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली का कहना है कि एसपी पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच करवाई जाएगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि मामले का संज्ञान लेकर जांच की जाएगी। मामले में आरोपी IPS अधिकारी रेणु भाटिया के समक्ष पेश भी हो चुके हैं जिसमें उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया और खुद को निर्दोष बताया है।
फिलहाल अब देखना ये है कि एडीजीपी की अध्यक्षता में बनी एसआईटी कब तक सही जांच कर मामले की सच्चाई सामने ला पाती हैं।